भारत पाकिस्तान के जिहादी गुटों को पैसा दे रहा है

पैसे का कोई चरित्र नहीं होता है।
अगर मैंने अपने पड़ोसी को राशन खऱीदने के लिए पैसा दिया, तो मैंने सच्चरित्र होने का सुबूत देते हुए पड़ोसी धर्म निभाया, लेकिन अगर पड़ोसी शराबी, नशेड़ी हो तो? हो सकता है कि उसे पैसे दे के मैं उसे फ़ोकट की दारू दे रहा हूँ। मान लो कि मैं पैसे देने के बजाय खुद [...]