जिहादियों को दान – भाग ३

कुछ समय पहले मैंने भारत द्वारा पाकिस्तानी जिहादी गुटों को दान पर क्षोभ व्यक्ति किया था और फिर उसी लेख की टिप्पणियों का एक प्रत्युत्तर दिया था। पहले लेख की टिप्पणी के तौर पर तनवीर ने लिखा था:
अतनु: आप ठहरे अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट, आपको तो दुनियादारी के बारे में अच्छी तरह मालूम ही होगा। हर चीज़ के लिए [...]