हिंदुस्तान में नायब ईजाद और धंधे में अगुआई

अमरीका नायाबी का देश है
अमरीका की माली हालत बहुत अच्छी होने का सीधा सीधा ताल्लुक उसके धंधेबाज़ लोगों की अगुवाई से किया जाता है। इनकी वजह से ही वहाँ लगातार नायाब ईजाद होते रहते हैं। यह भी कहा जा सकता है कि दोनो ही एक दूसरे के वजह से हैं – नायाब चीज़ें ज़्यादा होती [...]

१२३ समझौते पर दो स्पष्ट विचार

भारत के साथ अगर अमरीका १२३ समझौते को लागू करता है तो इसका अमेरिका पर असर क्या होगा, इस बारे में खुलासा करने के लिए अमरीकी प्रशासन ने अमरीकी संसद को एक चिट्ठी भेजी थी। उस चिट्ठी का मसला हाल ही में ज़ाहिर हुआ है। उस चिट्ठी में अचरज वाली बात तो कोई नहीं है [...]

जिहादियों को दान – भाग ३

कुछ समय पहले मैंने भारत द्वारा पाकिस्तानी जिहादी गुटों को दान पर क्षोभ व्यक्ति किया था और फिर उसी लेख की टिप्पणियों का एक प्रत्युत्तर दिया था। पहले लेख की टिप्पणी के तौर पर तनवीर ने लिखा था:
अतनु: आप ठहरे अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट, आपको तो दुनियादारी के बारे में अच्छी तरह मालूम ही होगा। हर चीज़ के लिए [...]

भारत पाकिस्तानी जिहाद के लिए पैसे दे रहा है – प्रत्युत्तर

“भारत पाकिस्तान के जिहादी गुटों को पैसा दे रहा है” पर डैन ने कहा:
आप यह भी तो कह सकते थे कि पाकिस्तान की ज़रूरत के समय भारत की दया और दान की वजह से कम से कम कुछ पाकिस्तानियों पर अच्छा असर पड़ेगा। शायद इस मदद से दो लोगों के दिल और मन बदलें, और हो [...]

भारत पाकिस्तान के जिहादी गुटों को पैसा दे रहा है

पैसे का कोई चरित्र नहीं होता है।
अगर मैंने अपने पड़ोसी को राशन खऱीदने के लिए पैसा दिया, तो मैंने सच्चरित्र होने का सुबूत देते हुए पड़ोसी धर्म निभाया, लेकिन अगर पड़ोसी शराबी, नशेड़ी हो तो? हो सकता है कि उसे पैसे दे के मैं उसे फ़ोकट की दारू दे रहा हूँ। मान लो कि मैं पैसे देने के बजाय खुद [...]

मुकेशभाई बढ़िया हैं

मुकेश अम्बानी मुझे बेहद पसन्द हैं। वह बढ़िया हैं। आशा करता हूँ कि वे खूब पैसे कमाएँ। यह रहा न्यू यॉर्क टाइम्स में छपा उन पर एक लेख: मुकेश अम्बानी – भारत के सबसे अमीर इंसान – से मिलिए।
. . . (आभार: Tarang_72)
Original article in English

प्रिय श्री रतन टाटा जी…

प्रिय श्री टाटा जी,
आशा है कि आप तटीय उड़ीसा में प्रस्तावित व्यावसायिक बन्दरगाह स्थापित करने का निर्णय ऑलिव रिड्ली समुद्री कछुए को मद्देनज़र रखते हुए, और उसका गम्भीर अध्ययन करने के बाद ही करेंगे। धन्यवाद।
सविनय,
अतनु
[सन्दर्भ।]
Original article in English

पानी से चलने वाली कार

(आर ऍस मलपति से) रॉय्टर्स का ब्यौरा,  जापान में जेनेपैक्स द्वारा पाने से चलने वाली कार
इस कार में एक ऊर्जा जनक है जो कि कार की टंकी में डाले पाने के अन्दर से हाइड्रोजन खींच लेता है। फिर यह जनरेटर इलेक्ट्रॉन छोड़ता है, जिनकी मदद से कार चल पड़ती है। इस तकनीक का आविष्कार करने [...]

हिटलर के जोड़ीदार बहुत हैं

कनाडा के प्रकाशन ‘द प्रॉविंस’ (मङ्गलवार, १ मई १९९०) से, लेखक: क्रॉफ़र्ड किलियन।
ऍडॉल्फ़ हिटलर के बहुत से जोड़ीदार हैं
मेरे वकील साहब, निक मेफ़िस्टो, कल मुझे जश्न मनाने दावत पर ले गए, चिन्ता हुई।
निक साहब अजीबोगरीब चीज़ों की वकालत करते हैं। वह जिन चीज़ों की वकालत करते हैं, जिन चीज़ों का वह जश्न मनाते हैं, आम [...]

मध्यस्थहीनता

मुझे शुक्रिया न अदा करें। अर्थशास्त्री होने के तौर पर मेरा तो फ़र्ज़ है कि लक्ष्य तक पहुँचने के और प्रभावी रास्ते सुझाऊँ। यह है वह समस्या, जिसका मैं समाधान खोज रहा था। सिफ़ी.कॉम कह रहा है कि “आईऍसआई आतङ्कवादियों के दुगुना धन देना चाहती है।”
पाकिस्तान की इण्टर सर्विसेज़ इण्टेलिजेंस (आई ऍस आई) ने हाल [...]